मै जब लौट आऊं इस घर
तब तुम मेरे हाथ कुछ सपने रख देना ...
जिंदगी फीर तुझको जीत पाऊं
आखोंमे ऐसी इक आस रख देना ...
bhavna
मै जब लौट आऊं इस घर
तब तुम मेरे हाथ कुछ सपने रख देना ...
जिंदगी फीर तुझको जीत पाऊं
आखोंमे ऐसी इक आस रख देना ...
bhavna
अगर कुछ देना चाहते हो तो तेरी महक भेज देना ...
इस ऑनलालाइ की दुनिया में इक वही तो समाइ नही है !
....... bhavna.2016
हर रिश्ता दिल के एक एक कोनेमे छिपाना सिख लिया है मैने ..
आजकल मेरी मुस्कुरूरहट भी चुनकर गिनी जाती है !
सभी रिश्तोंको एक जगह रखना... मानो पाप सा हो गया है !!
कौनसा रिश्ता कितनी उदासी लाए ये कहै नही सकता
हसीं का दिल करें तो इक कोना खोल कर तुम्हे खूब याद कर लेता हूं ...
.....bhavna
खूप खूप आठवायचय तुला
बरच काही सांगायचय तुला
ती पावसाची हळुवार सर ...
त्या एका पावसाची वाट पाहतय मन !
ती सर येईल तशा आठवणीही बहरतील
रंगांमधे असतोस तसा शब्दांमधेही दिसशील ...
पावसाला सांग जरा थेंब थेंब थेंबानेच ये..
मी वाट पाहतेय, म्हणून की काय
बघ हं... अचानक बरसशील!
.. bhavna2016.